नवरात्र ~ ८ , २०२०

~ असंख्य शक्तियां है । आप यह नहीं कह सकते कि फलाना शक्ति ही महत्वपूर्ण है । फिर भी , हम पुरुषों को पद को लेकर बड़ी लालसा होती है । क्योंकि हम बाहरी दुनिया यानी समाज में उठते बैठते हैं । पुरुषों में यह आचरण जेनेटिक है । मुहल्ले में दुर्गा पूजा हो रही है , नवयुवक मंडली बना तो सबसे पहले पद पर फैसला होगा । हा हा हा । मुन्ना को संयुक्त सचिव पद नहीं मिला तो वो विद्रोह कर दिया । हा हा हा । सामाजिक नेतृत्व भी व्यक्तित्व/ कद के हिसाब से पद बांटता है । कई दफा यहां भी झोल । फिर भी , पद का बहुत महत्व है । स्त्रियां भी इसे ही प्रमुख समझती है । मंत्री जी का भतीजा है तो वही बढ़िया प्रेमी होगा । एक भोजपुरी गाना है – हमरा पीछे लागल बा मोछमुंडा , हीरो होंडा लेे के – लईका के नेता ह , नेता के लईका ह । मतलब की – मेरे पीछे एक एक लड़का पड़ा हुआ है जो हीरो होंडा चलाता है , फिर वो खुद विद्यार्थियों का नेता है और सबसे अच्छी बात की वो किसी नेता का पुत्र भी है । हा हा हा । स्त्री मनो विज्ञान को भी किसी पुरुष ने गीत का शब्द दिया । लेकिन यह सच है ।
~ लेकिन पुरुष का कर्तव्य हैं कि वो अपने सामाजिक पद के हिसाब से अपने कद को बढ़ाए । अब बन गए ससुर और दिन भर आंगन में खटिया पर बैठे रहिएगा , कुछ दिन बाद आप अपनी इज्जत खो बैठेंगे । जिस दिन ससुर बने , उसी दिन आंगन का त्याग कर दालान पर झोला डंडा लेकर बैठ जाइए । आपका कद भी सुरक्षित और पद की गरिमा भी । अब आप रट रटा के बहुत बडा़ अफसर बन गए और दिन भर सोशल मीडिया पर गीत , नाक में क्लिप लगा के , मउगा टाइप । एक दो दिन बाद आप अपना आकर्षण खो बैठेंगे । बहुत पुरुषों की आदत होती है , पत्नियों के सखी सहेली के बीच हाई फाई बात करने की । पहला दिन तो बढ़िया लगता है – मेरी दोस्त के पति कितने हंसमुख है , कोई ईगो नहीं इत्यादि इत्यादि और एक आप हैं इत्यादि इत्यादि । इसी बीच कुछ दिन बाद कोई हाई आइक्यू महिला रही तो बोल देगी – फलनवा के पति भारी मउग है , मुंह तक्का टाइप 😂
~ पद मिले तो अपने कद का बदलाव कीजिए । योग कीजिए । प्रकृति के बहाव पर नियंत्रण रखिए । योग का मतलब नहीं कि अर्ध नग्न फोटो इंस्टाग्राम पर डालिए – टॉय बॉय बनने के चक्कर में 😂 किसी को सुष्मिता सेन के टॉय बॉय का नाम नहीं पता । कोई अर्जुन कपूर को इज्जत नहीं देता है । मिस्टर प्रियंका चोपड़ा बउआ लगता है 😂
~ बड़ी मुश्किल से पद मिलता है । भारत में भेड़िया धसान है । लोग किसी भी पद के लिए, कोई भी राजनीति चल देते हैं । माइक्रोसॉफ्ट के सत्य नडेला लिखते हैं , माइक्रोसॉफ्ट जैसी संस्था के वीपी किसी भी वक्त एक दूसरे के पीठ पर छुरा चलाने को तैयार थे । वो अमरीका है , इसका मतलब नहीं कि वहां के पुरुष अपने प्रकृति को भूल जाएं :))
बाकी …आज महागौरी का दिन 🙏❤️🙏
: रंजन , दालान

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