नवरात्र ~ ७ , २०२०

~ आज सप्तमी है । बिहार में देवी का पट खुल गया होगा । सर्वप्रथम देवी पूजन हमारे घर की बहन , बेटी और बहु करेंगी । देवी का आगमन और देवियों के द्वारा स्वागत ❤️सब कुछ तो हमारी सभ्यता से ही है । जब कोई दुल्हन प्रथम बार ससुराल आती है तो उसका स्वागतContinue reading “नवरात्र ~ ७ , २०२०”

मेरा गांव – मेरा देस – मेरा दशहरा

हर जगह का ‘दशहरा’ देखा हूँ 🙂 मुज़फ्फ्फरपुर –  रांची – पटना – गाँव – कर्नाटका – मैसूर – नॉएडा -गाज़ियाबाद 🙂गाँव में बाबा कलश स्थापन करेंगे ! हर रोज पाठ होगा ! बाबा इस बीच दाढ़ी नहीं बनायेंगे ! पंडित जी हर रोज सुबह सुबह आयेंगे ! नवमी को ‘हवन’ होगा ! दशमी कोContinue reading “मेरा गांव – मेरा देस – मेरा दशहरा”

नवरात्र ~ ६ , २०२०

~ खुद के आनंदित होने के बाद शक्ति का प्रमुख उपयोग रक्षा करना है । और शायद इसी रक्षा भाव से शक्ति की आराधना और स्थापना होती है । अगर देवी पूजन को देखें तो कई बार पर्वत और पहाड़ों पर घिरे गांव , टोले या कबीला में बहुत ही तीव्र भावना से होती हैContinue reading “नवरात्र ~ ६ , २०२०”

नवरात्र – ५ , २०२०

~ बात ठीक दस साल पहले की है । दशहरा की छुट्टी में हम सपरिवार पटना में थे । एक शाम एक गहरे मित्र भोजन पर आमंत्रित किए। उनके घर गया तो उनका दो चार साल का बेटा बहुत रो रहा था। बहुत। उसकी मां परेशान परेशान । थोड़ी देर बाद मेरी पत्नी ने उसेContinue reading “नवरात्र – ५ , २०२०”

नवरात्र – ४ , २०२०

~ प्रेम में बहुत शक्ति है । लेकिन हर किसी की चाह अनकंडीशनल प्रेम की होती है । हा हा हा । मुझे लगता है – यह प्रेम सिर्फ और सिर्फ मां से ही प्राप्त होता है लेकिन इसमें भी एक कंडीशन है – आपको उन्हीं के कोख से जन्मना होगा । हा हा हाContinue reading “नवरात्र – ४ , २०२०”

नवरात्र ~ ३ , २०२०

Devi #Shakti #NavRatra : ~ शक्ति आती है , आपको छूती है , आपसे अच्छे या बुरे कर्म करवाती है और फिर वही शक्ति क्षीण हो जाती है । यह शक्ति किसी इंसान विशेष , परिवार , टोला या मुहल्ले या किसी समुदाय के साथ अटैच हो सकती है । लेकिन शक्ति के विलुप्त होनेContinue reading “नवरात्र ~ ३ , २०२०”

नवरात्र ~ २ , २०२०

~ अभी अभी दो चार दिनों पहले की बात है , हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू के एक लेख में यह लिखा था कि अगर आप खुद को कमज़ोर महसूस कर रहे हैं , या डिप्रेशन में हैं या लो हैं फिर एक ऐसे मित्र की तलाश कीजिए जो आपके पूर्व में आपके बेहतरीन दिनों की यादContinue reading “नवरात्र ~ २ , २०२०”

नवरात्र – १ , २०२०

सन 2012 से लगातार इस पटल पर शक्ति / देवी की विवेचना करता आया हूं । कुछ एक पाठक अवश्य से ही इसका इंतजार करते हैं । लेकिन यह अनुभव एक गोलचक्कर जैसा है – जहां से चले थे फिर वहीं पहुंच गए :))लेकिन मै किसी मंज़िल की तरफ नहीं बढ़ा था । बस एकContinue reading “नवरात्र – १ , २०२०”

गांधी …

आज से पांच सौ साल बाद कोई विश्वास नहीं करेगा – कोई इंसान महात्मा बन कर – एक धोती में खुद को लपेट कर – वर्षों तक अपने विश्वास को कायम रखा ! “मेरे अन्दर एक सच है और वही सच मेरी लड़ाई को जिंदा रखेगा” – शायद यही जीवन दर्शन रहा होगा – महात्माContinue reading “गांधी …”

राष्ट्रकवि दिनकर की जयंती

आज राष्ट्रकवि श्री रामधारी सिंह दिनकर की जयन्ती है – जिनकी रचनाओं की धूम पुरे विश्व में रही हो – उनपर मै क्या लिखूं या न लिखूं – सिवाय इसके की – उनकी शब्दों को ही दोहराऊँ – वीर रस में डूबे उनके शब्द तो हमेशा से हमारे आपके मन को एक शक्ती देते आयेContinue reading “राष्ट्रकवि दिनकर की जयंती”

श्रद्धा और विश्वास …एक छोटी कहानी …

शायद काफी पहले …करीब पचीस – छब्बीस साल पहले …दूरदर्शन पर हर शुक्रवार एक सीरियल जैसा ही आधे घंटे का प्रोग्राम आता था – कथा सागर ! विश्व की बेहतरीन कहानीओं पर आधारित – श्याम बेनेगल भी कई एपिसोड डाइरेक्ट किये थे – कई कहानी आज तक याद है – रेनू की कहानी ‘पञ्चलाईट’ परContinue reading “श्रद्धा और विश्वास …एक छोटी कहानी …”

आदर्श …

मुझे नहीं लगता – हम अपने आदर्श ‘भगवान् बुद्ध’ / ‘महात्मा गांधी’ जैसे महापुरुषों में खोजते हैं – आदर्श हमेशा से आस पास के लोग ही होते हैं – भगवान् बुद्ध के साथ घूम रहे उनके चेलों के लिए ‘बुद्ध’ आदर्श रहे होंगे – नेहरु / पटेल के लिए महात्मा गांधी आदर्श रहे होंगे –Continue reading “आदर्श …”

धर्माधिकारी …

आज से बहुत साल पहले की बात होगी – तब हम ग्रेजुएशन में थे – अचानक अखबार में छपी एक खबर आँखों के सामने आयी – खबर थी – विश्व प्रसिद्द “मनिपाल ग्रुप” के पाई बंधुओं में संपती को लेकर विवाद ! तब और आज भी ‘मनिपाल ग्रुप’ बहुत फेमस है ! खबर आने लगीContinue reading “धर्माधिकारी …”

इंजीनियर्स डे …

आज सर एम विश्वेसरैया जी का जन्मदिन है ! आज के दिन उनकी याद में भारत में ‘इंजीनियर्स डे ‘ भी मानते हैं ! उनको किस किस पदवी से नहीं नवाजा गया – कहना मुश्किल है ! मैसूर राज्य के दीवान / भारत रत्न और भी बहुत कुछ ! मैसूर का फेमस वृन्दावन गार्डेन /Continue reading “इंजीनियर्स डे …”

एक कहानी …

एक बहुत ही अमीर परिवार होता था । बहुत बड़ा महल था । लेकिन एक दिक्कत थी , महल के ठीक बगल वाले ज़मीन में एक गरीब परिवार हंसी खुशी रहता था । वो गरीब परिवार दिन भर की मेहनत मजदूरी कर के एक रुपया कमाता था और शाम तक उस परिवार का वो एकContinue reading “एक कहानी …”

हिन्दी दिवस …

आज हिंदी दिवस है – बचपन में ईकार को लेकर बड़ी मार पडी है – शब्दों के स्त्री लिंग / पुलिंग को भी लेकर – बताईये तो महाराज – एक बच्चा क्या क्या समझे 😦 ? ये बात हम पूछते भी तो किससे पूछते 😦 जिससे पूछते – वही दो चटकन देने को तैयार रहताContinue reading “हिन्दी दिवस …”

छवि …

दिन की थकान और देर शांत रात – मन में हलचल पैदा करती है – वहीं से मिज़ाज के हिसाब से विचार उत्पन्न होते हैं ।मैंने कुछ दिन पहले ‘छवि’ को लेकर लिखा था । कई बार लिखा और सोचता हूँ – कोई भी इंसान एक ख़ास छवि में कैसे हर वक़्त बँधा रह सकताContinue reading “छवि …”

एक कविता …

अहंकार तुम्हारा शस्त्र हैउसके बगैर जीना व्यर्थ है … शस्त्र के साथ हर जगह नहीं …इसके बगैर भी हर जगह नहीं ….अहंकार अग्रज के साथ नहीं ….कुचल दिए जाओगे …अहंकार अनुज के साथ नहीं …घृणा के पात्र बन जाओगे ….अहंकार प्रेम में नहीं …दफ़न हो जाओगे ….अहंकार गुरु के साथ नहीं …कफ़न में लिपट जाओगेContinue reading “एक कविता …”

बेगूसराय …

बेगूसराय :~ इस इलाके कि पहली याद यह है कि बहुत बचपन में रांची से मुज़फ्फरपुर के रास्ते सुबह चार बजे मोकामा राजेन्द्र ब्रिज पर , परिवहन निगम के लाल डब्बा बस पर , मां हमे जगा दिया करती थी – बरौनी रिफाइनरी का जगमगाता टाउनशिप । आधी नींद में बस की खिड़की से झांकContinue reading “बेगूसराय …”

निर्णय …

आईक्यू के एक ख़ास बैंडविथ में – करोड़ों लोग होते हैं पर सामाजिक पटल पर उनके जीवन में बहुत अंतर होता है – उसकी एक ख़ास वजह होती है – ‘निर्णय’ ! जीवन एक सफ़र है और यह एक ऐसा सफ़र होता है – जिसमे ‘मंजिल’ नाम की कोई चीज़ नहीं होती – जहाँ तकContinue reading “निर्णय …”

उम्र …

हर रविवार सुबह नाश्ते के बाद – पान खाने जाता हूँ – मेरे गेट के सामने ही ‘पान वाला’ है – चौरसिया नहीं है पर मेरे गृह राज्य का ही है – कई गलत आदतें छूट गयीं हैं लेकिन हर इतवार पान खाना बंद नहीं होता – जब उसका लाल पिक होठों के बगल सेContinue reading “उम्र …”

शिक्षक दिवस …कुछ दिल से …

बहुत सारे विषय पर लिखने का मन करता है ! कई लोग पर्सनल चैट पर प्रशंषा करते हैं – आगे खुल कर नहीं बोल पाते 🙂 ! आप सभी को मेरा लिखना पसंद आता है – यही बहुत बड़ी बात है ! बहुत सारे लोग जो यह भी जानते हैं की मै एक शिक्षक हूँContinue reading “शिक्षक दिवस …कुछ दिल से …”

गप्प …दे गप्प …दे गप्प …

सुख क्या है ? आनन्द की अनुभूती कब होती है ? परम आनन्द कैसे मिले ? कई सवाल हैं ! हर उम्र और मौके के हिसाब से इन सब की व्याख्या है ! पर एक सुख है – वो है – ‘गप्प’ ! जिसे मेरे बिहार में ‘गप्पासटिंग’ भी कहते हैं ! और हम एकContinue reading “गप्प …दे गप्प …दे गप्प …”

दो दुनिया …..

बिलकुल दो दुनिया होती है ! एक अन्दर की , एक बाहर की ! एक स्त्री की , एक पुरुष की ! एक निश्छल की , एक छल की ! एक प्रेम की , एक नफरत की !  एक साधू की , एक चोर की ! एक भगवान् की , एक हैवान की ! एक हमारीContinue reading “दो दुनिया …..”

ताजिया …

आज तजिया है ! शहर शहर , गाँव गाँव तजिया निकला होगा ! मेरे गाँव में भी ! बचपन यादों की गली से झाँक रहा है ! कई दिन पहले से तजिया को सजाने का काम शुरू हो जाता था ! लम्बे और खूब ऊँचे तजिया !“हसन – हुसैन” करते टोली आती थी ! दरवाजेContinue reading “ताजिया …”