सोच …फुर्सत में अवश्य पढ़ें

लिखने से पहले ..मै यह मान के चल रहा हूँ …मेरी तरह आप भी किसी स्कूल - कॉलेज में पढ़े होंगे - जैसी आपकी चाह और मेरिट या परिस्थिती ! अब जरा अपने उस 'क्लास रूम' को याद कीजिए - चालीस से लेकर सौ तक का झुण्ड - कुछ सीनियर / जूनियर को भी याद … Continue reading सोच …फुर्सत में अवश्य पढ़ें

मिर्च ही मिर्च …

तीखी मिर्ज ... मिर्च की इतनी वैराईटी देख मन खुश हो गया । मां की याद आई । उनके खाने में आग में सेका हुआ मिर्च अवश्य होता था । फिर अपना बचपन याद आया - रगड़ा चटनी । लहसुन और हरा मिर्च का चटनी । आह । दिन में चावल दाल के साथ रगड़ा … Continue reading मिर्च ही मिर्च …

इंदिरा जी …

आज स्व श्रीमती इंदिरा गांधी की शहादत दिवस है ! आज से ठीक २९ साल पहले श्रीमती गांधी की हत्या कर दी गयी थी ! तब हम हाई स्कूल में होते थे - घर में कोंग्रेसी वातावरण होता था ! घर के "दालान" में श्रीमती गांधी के अलावा महात्मा गांधी / नेहरू / राजेन बाबू … Continue reading इंदिरा जी …

आम्रपाली …

वैजयंती माला "इतने बड़े महल में , घबराऊँ मैं 'बेचारी' " ।इस गीत में जब लता मंगेश्कर की आवाज़ वैजयंती माला के होंठ से , तब जब वो जिस अदा से 'बेचारी' बोलती हैं , कसम से दिल पर कोई छुरी नही चलती है , लगता है जैसे इस मासूम दिल को कोई रेंत रहा … Continue reading आम्रपाली …

हवाई यात्रा नहीं किए हैं …

हम आज तक हवाई जहाज़ पर नहीं चढ़े हैं 😐 आपकी क़सम । जब कोई फ़ेसबुक पर हवाई अड्डा पर चेक इन करता है - कैसा कैसा दो मन करने लगता है । हमारे जैसा आदमी के अंदर हीन भावना आती है । 😐 फिर हम कल्पना करने लगते है...बचपन में छत से एकदम ऊँचा … Continue reading हवाई यात्रा नहीं किए हैं …

सेंधमारी , चोरी और डकैती …

सेंधमारी , चोरी और डकैती :बचपन का गाँव याद आता है । भोरे भोरे एक हल्ला पर नींद ख़ुलती थी । बिना हवाई चप्पल के ही बाहर भागे तो पता चला रमेसर काका के घर सेंधमारी हुआ है । 😳 नयकी कनिया के घर में अर्धचंद्रकार ढंग से दीवार तोड़ - उनका गहना ग़ायब । … Continue reading सेंधमारी , चोरी और डकैती …

ये जो अक्टूबर है .. न …

ये जो ऑक्टोबर है न …इसे शरद का वसंत भी कहते है । गोधुलि की बेला के बाद से ही हल्की ठंड की एहसास शुरू हो जाती है । तुम्हें पता है - गोधुलि की बेला किसे कहते हैं ? सूरज के ढलते ही चरवाहे अपने गाय के साथ वापस लौटते है …एक तरफ़ सूरज … Continue reading ये जो अक्टूबर है .. न …

नवरात्र ~ ९ , २०२०

देवी नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥~ आज महानवमी और कल विजयदशमी । ढेरो शुभकामनाएं । देवी पूजन के 9 रात और शक्ति के एक रूप रचनात्मकता की पूजा के मेरे भी 9 साल ।ढेरो सवाल आते हैं । सबका ज़बाब मुश्किल है । उम्र , अनुभव और महसूस करना – शायद इन्हीं के इर्द गिर्द … Continue reading नवरात्र ~ ९ , २०२०

नवरात्र ~ ८ , २०२०

~ असंख्य शक्तियां है । आप यह नहीं कह सकते कि फलाना शक्ति ही महत्वपूर्ण है । फिर भी , हम पुरुषों को पद को लेकर बड़ी लालसा होती है । क्योंकि हम बाहरी दुनिया यानी समाज में उठते बैठते हैं । पुरुषों में यह आचरण जेनेटिक है । मुहल्ले में दुर्गा पूजा हो रही … Continue reading नवरात्र ~ ८ , २०२०

नवरात्र ~ ७ , २०२०

~ आज सप्तमी है । बिहार में देवी का पट खुल गया होगा । सर्वप्रथम देवी पूजन हमारे घर की बहन , बेटी और बहु करेंगी । देवी का आगमन और देवियों के द्वारा स्वागत ❤️सब कुछ तो हमारी सभ्यता से ही है । जब कोई दुल्हन प्रथम बार ससुराल आती है तो उसका स्वागत … Continue reading नवरात्र ~ ७ , २०२०

मेरा गांव – मेरा देस – मेरा दशहरा

हर जगह का 'दशहरा' देखा हूँ 🙂 मुज़फ्फ्फरपुर -  रांची - पटना - गाँव - कर्नाटका - मैसूर - नॉएडा -गाज़ियाबाद :)गाँव में बाबा कलश स्थापन करेंगे ! हर रोज पाठ होगा ! बाबा इस बीच दाढ़ी नहीं बनायेंगे ! पंडित जी हर रोज सुबह सुबह आयेंगे ! नवमी को 'हवन' होगा ! दशमी को … Continue reading मेरा गांव – मेरा देस – मेरा दशहरा

नवरात्र ~ ६ , २०२०

~ खुद के आनंदित होने के बाद शक्ति का प्रमुख उपयोग रक्षा करना है । और शायद इसी रक्षा भाव से शक्ति की आराधना और स्थापना होती है । अगर देवी पूजन को देखें तो कई बार पर्वत और पहाड़ों पर घिरे गांव , टोले या कबीला में बहुत ही तीव्र भावना से होती है … Continue reading नवरात्र ~ ६ , २०२०

नवरात्र – ५ , २०२०

~ बात ठीक दस साल पहले की है । दशहरा की छुट्टी में हम सपरिवार पटना में थे । एक शाम एक गहरे मित्र भोजन पर आमंत्रित किए। उनके घर गया तो उनका दो चार साल का बेटा बहुत रो रहा था। बहुत। उसकी मां परेशान परेशान । थोड़ी देर बाद मेरी पत्नी ने उसे … Continue reading नवरात्र – ५ , २०२०

नवरात्र – ४ , २०२०

~ प्रेम में बहुत शक्ति है । लेकिन हर किसी की चाह अनकंडीशनल प्रेम की होती है । हा हा हा । मुझे लगता है – यह प्रेम सिर्फ और सिर्फ मां से ही प्राप्त होता है लेकिन इसमें भी एक कंडीशन है – आपको उन्हीं के कोख से जन्मना होगा । हा हा हा … Continue reading नवरात्र – ४ , २०२०

नवरात्र ~ ३ , २०२०

Devi #Shakti #NavRatra : ~ शक्ति आती है , आपको छूती है , आपसे अच्छे या बुरे कर्म करवाती है और फिर वही शक्ति क्षीण हो जाती है । यह शक्ति किसी इंसान विशेष , परिवार , टोला या मुहल्ले या किसी समुदाय के साथ अटैच हो सकती है । लेकिन शक्ति के विलुप्त होने … Continue reading नवरात्र ~ ३ , २०२०

नवरात्र ~ २ , २०२०

~ अभी अभी दो चार दिनों पहले की बात है , हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू के एक लेख में यह लिखा था कि अगर आप खुद को कमज़ोर महसूस कर रहे हैं , या डिप्रेशन में हैं या लो हैं फिर एक ऐसे मित्र की तलाश कीजिए जो आपके पूर्व में आपके बेहतरीन दिनों की याद … Continue reading नवरात्र ~ २ , २०२०

नवरात्र – १ , २०२०

नवरात्र सन 2012 से लगातार इस पटल पर शक्ति / देवी की विवेचना करता आया हूं । कुछ एक पाठक अवश्य से ही इसका इंतजार करते हैं । लेकिन यह अनुभव एक गोलचक्कर जैसा है – जहां से चले थे फिर वहीं पहुंच गए :))लेकिन मै किसी मंज़िल की तरफ नहीं बढ़ा था । बस … Continue reading नवरात्र – १ , २०२०

गांधी …

आज से पांच सौ साल बाद कोई विश्वास नहीं करेगा - कोई इंसान महात्मा बन कर - एक धोती में खुद को लपेट कर - वर्षों तक अपने विश्वास को कायम रखा ! "मेरे अन्दर एक सच है और वही सच मेरी लड़ाई को जिंदा रखेगा" - शायद यही जीवन दर्शन रहा होगा - महात्मा … Continue reading गांधी …

राष्ट्रकवि दिनकर की जयंती

दिनकर जी आज राष्ट्रकवि श्री रामधारी सिंह दिनकर की जयन्ती है - जिनकी रचनाओं की धूम पुरे विश्व में रही हो - उनपर मै क्या लिखूं या न लिखूं - सिवाय इसके की - उनकी शब्दों को ही दोहराऊँ - वीर रस में डूबे उनके शब्द तो हमेशा से हमारे आपके मन को एक शक्ती … Continue reading राष्ट्रकवि दिनकर की जयंती

श्रद्धा और विश्वास …एक छोटी कहानी …

शायद काफी पहले …करीब पचीस - छब्बीस साल पहले …दूरदर्शन पर हर शुक्रवार एक सीरियल जैसा ही आधे घंटे का प्रोग्राम आता था - कथा सागर ! विश्व की बेहतरीन कहानीओं पर आधारित - श्याम बेनेगल भी कई एपिसोड डाइरेक्ट किये थे - कई कहानी आज तक याद है - रेनू की कहानी 'पञ्चलाईट' पर … Continue reading श्रद्धा और विश्वास …एक छोटी कहानी …

आदर्श …

मुझे नहीं लगता - हम अपने आदर्श 'भगवान् बुद्ध' / 'महात्मा गांधी' जैसे महापुरुषों में खोजते हैं - आदर्श हमेशा से आस पास के लोग ही होते हैं - भगवान् बुद्ध के साथ घूम रहे उनके चेलों के लिए 'बुद्ध' आदर्श रहे होंगे - नेहरु / पटेल के लिए महात्मा गांधी आदर्श रहे होंगे - … Continue reading आदर्श …

धर्माधिकारी …

आज से बहुत साल पहले की बात होगी - तब हम ग्रेजुएशन में थे - अचानक अखबार में छपी एक खबर आँखों के सामने आयी - खबर थी - विश्व प्रसिद्द "मनिपाल ग्रुप" के पाई बंधुओं में संपती को लेकर विवाद ! तब और आज भी 'मनिपाल ग्रुप' बहुत फेमस है ! खबर आने लगी … Continue reading धर्माधिकारी …

इंजीनियर्स डे …

आज सर एम विश्वेसरैया जी का जन्मदिन है ! आज के दिन उनकी याद में भारत में 'इंजीनियर्स डे ' भी मानते हैं ! उनको किस किस पदवी से नहीं नवाजा गया - कहना मुश्किल है ! मैसूर राज्य के दीवान / भारत रत्न और भी बहुत कुछ ! मैसूर का फेमस वृन्दावन गार्डेन / … Continue reading इंजीनियर्स डे …

एक कहानी …

एक बहुत ही अमीर परिवार होता था । बहुत बड़ा महल था । लेकिन एक दिक्कत थी , महल के ठीक बगल वाले ज़मीन में एक गरीब परिवार हंसी खुशी रहता था । वो गरीब परिवार दिन भर की मेहनत मजदूरी कर के एक रुपया कमाता था और शाम तक उस परिवार का वो एक … Continue reading एक कहानी …

हिन्दी दिवस …

आज हिंदी दिवस है - बचपन में ईकार को लेकर बड़ी मार पडी है - शब्दों के स्त्री लिंग / पुलिंग को भी लेकर - बताईये तो महाराज - एक बच्चा क्या क्या समझे 😦 ? ये बात हम पूछते भी तो किससे पूछते 😦 जिससे पूछते - वही दो चटकन देने को तैयार रहता … Continue reading हिन्दी दिवस …