माँ… स्मृतियों में 🙏

माँ माँ ( 8th May 1949 - 5th Feb 2013 ) माँ , आज शाम माँ अपनी यादों को छोड़ हमेशा के लिए उस दुनिया में चली गयीं - जहाँ उनके माता पिता और बड़े भाई रहते हैं ! पिछले बीस जनवरी को माँ का फोन आया था ...मेरी पत्नी को ...रंजू से कहना ...हम उससे ज्यादा उसके … Continue reading माँ… स्मृतियों में 🙏

शब्द छवि बनाते हैं …

मै कोई साहित्यकार / लेखक / पत्रकार / कवी / शायर नहीं हूँ - बस जो जब दिल में आया लिख दिया - करीब ठीक दस साल पहले - मैंने यूँ ही रोमन लिपि में हिंदी भाषा में - रामेश्वर सिंह कश्यप उर्फ़ लोहा सिंह से प्रेरित होते हुए - खुद पर ही एक बेहतरीन … Continue reading शब्द छवि बनाते हैं …

पोंच …

जाड़ा आ ही गया ! मेरे बिहार में जाड़ा के आते आते ही आपको गली - गली में हर चार कदम पर 'अंडा' का दूकान मिल जाएगा । - चार वर्ष का बच्चा से लेकर सत्तर साल के बुढा तक दुकानदार मिल जाएगा - इसी उम्र का खाने वाला भी ! एक ठेला पर सजा … Continue reading पोंच …