छठ पर गोवा की पूर्व राज्यपाल मृदुला सिन्हा जी का एक लेख …

अक्सर पिछले छह दशकों की वीथियों में घूम ही आती हूं। उन स्मृतियों में सब हैं, दादा-दादी, मां-पिताजी, भाई-बहन और ढेर सारे चाचा-चाचियां और सेवक-सेविकाएं। उन्हीं रिश्तों के बीच होली-दिवाली, दुर्गा पूजा, चौथचंदा, सरस्वती पूजा और व्रत-त्योहार। सबसे ऊपर रहती है छठ पर्व की स्मृति। कितना सुहाना, कितनी आस्था। दादी द्वारा कितने सारे निषेध। चारContinue reading “छठ पर गोवा की पूर्व राज्यपाल मृदुला सिन्हा जी का एक लेख …”

सोच …फुर्सत में अवश्य पढ़ें

लिखने से पहले ..मै यह मान के चल रहा हूँ …मेरी तरह आप भी किसी स्कूल – कॉलेज में पढ़े होंगे – जैसी आपकी चाह और मेरिट या परिस्थिती ! अब जरा अपने उस ‘क्लास रूम’ को याद कीजिए – चालीस से लेकर सौ तक का झुण्ड – कुछ सीनियर / जूनियर को भी यादContinue reading “सोच …फुर्सत में अवश्य पढ़ें”

गुलज़ार से मुलाकात : छह साल पहले …2014 में

कल्पनाओं के शिखर पर एक अबोध तमन्ना बैठी होती है – उसकी अबोधता को देख ईश्वर उसे अपने गोद में बैठाते हैं – फिर वो तमन्ना एक दिन हकीकत बन बैठती है…:)) आज का दिन बेहतरीन रहा – कल देर रात तक जागने के बाद – सुबह नींद ही खुली ‘रविश’ की आवाज़ से –Continue reading “गुलज़ार से मुलाकात : छह साल पहले …2014 में”