अटल जी की स्मृति में …

अटल जी आंखें बंद हो गयी होंगी । धड़कने रुक गयी होंगी । पर काल के कपाल पर लिखी हुई स्मृति भला कब बंद होती हैं या रुकती हैं ।सन 1957 में लोकसभा और उनके भाषण से मंत्रमुग्ध नेहरू जी और वहीं से एक भविष्यवाणी - देश का होने वाला प्रधानमंत्री । कितना ओजस्वी वो … Continue reading अटल जी की स्मृति में …