एक कविता …

अहंकार तुम्हारा शस्त्र हैउसके बगैर जीना व्यर्थ है … शस्त्र के साथ हर जगह नहीं …इसके बगैर भी हर जगह नहीं ….अहंकार अग्रज के साथ नहीं ….कुचल दिए जाओगे …अहंकार अनुज के साथ नहीं …घृणा के पात्र बन जाओगे ….अहंकार प्रेम में नहीं …दफ़न हो जाओगे ….अहंकार गुरु के साथ नहीं …कफ़न में लिपट जाओगे … Continue reading एक कविता …

निर्णय …

आईक्यू के एक ख़ास बैंडविथ में - करोड़ों लोग होते हैं पर सामाजिक पटल पर उनके जीवन में बहुत अंतर होता है - उसकी एक ख़ास वजह होती है - 'निर्णय' ! जीवन एक सफ़र है और यह एक ऐसा सफ़र होता है - जिसमे 'मंजिल' नाम की कोई चीज़ नहीं होती - जहाँ तक … Continue reading निर्णय …