हवाई यात्रा नहीं किए हैं …

हम आज तक हवाई जहाज़ पर नहीं चढ़े हैं 😐 आपकी क़सम । जब कोई फ़ेसबुक पर हवाई अड्डा पर चेक इन करता है – कैसा कैसा दो मन करने लगता है । हमारे जैसा आदमी के अंदर हीन भावना आती है । 😐 फिर हम कल्पना करने लगते है…बचपन में छत से एकदम ऊँचाContinue reading “हवाई यात्रा नहीं किए हैं …”

छवि …

दिन की थकान और देर शांत रात – मन में हलचल पैदा करती है – वहीं से मिज़ाज के हिसाब से विचार उत्पन्न होते हैं ।मैंने कुछ दिन पहले ‘छवि’ को लेकर लिखा था । कई बार लिखा और सोचता हूँ – कोई भी इंसान एक ख़ास छवि में कैसे हर वक़्त बँधा रह सकताContinue reading “छवि …”