प्रेम का आधार …

शायद मैंने पहले भी लिखा था और फिर से लिख रहा हूँ ! प्रेम का आधार क्या है ? मै 'आकर्षण' की बात नहीं कर रहा ! मै विशुद्ध प्रेम की बात कर रहा हूँ ! मेरी नज़र में प्रेम का दो आधार है - 'खून और अपनापन' ! बाकी सभी आधार पल भर के … Continue reading प्रेम का आधार …

कुछ यूं ही …

मेरे गाँव के पास से एक छोटी रेलवे लाईन गुजरती है - हर दो चार घंटे में एक गाड़ी इधर या उधर से - पहले भाप इंजन - छुक छुक …लेकिन अब डीजल इंजन है ..भोम्पू देता है ..बचपन में छुक छुक गाड़ी को देखने के बहाने रेलवे ट्रैक के पास जाते थे ..वहाँ ..पटरी … Continue reading कुछ यूं ही …

छाया / साया / शैडो

Shadow 'तू जहाँ जहाँ चलेगा …मेरा साया साथ होगा' - राजा मेंहदी हसन अली खान की बेहतरीन पोएट्री ।आख़िर ये साया / छाया / शैडो है क्या चीज़ । विज्ञान ने जो कुछ इसके बारे में समझाया - वह तो आँखों के सामने है , हर रोज दिखता है । लेकिन विज्ञान से आगे भी … Continue reading छाया / साया / शैडो