जब तुम ताज को देखकर …

तब जब तुम ताज को देख कर झूम जाओगी …उम्र के उस मोड़ पर .अपनी सफेद बालों और बेहतरीन पाशमिना के साथ ….उम्र के उस मोड़ पर .एयरपोर्ट से उसी तेज चाल से निकलते हुए ….मुझे देख मुस्कुरा बैठोगी ….टैक्सी लाए हो या खुद ड्राइव करोगे …थोड़ी तंग …थोड़ी परेशान …मुझसे हमेशा कि तरह बेझिजक … Continue reading जब तुम ताज को देखकर …

प्रकृति , धरा और ऋतुराज

धरा - सखी , ये किसकी आहट है ?प्रकृति - ये वसंत की आहट लगती है ..धरा - कौन वसंत ? हेमंत का भाई ऋतुराज वसंत ?प्रकृती - हाँ , वही तुम्हारा ऋतुराज वसंत …:))धरा - और ये शिशिर ?प्रकृति - वो अब जाने वाला है …धरा - सुनो , मैं कैसी दिख रही हूँ … Continue reading प्रकृति , धरा और ऋतुराज